September 29, 2020

रयात बाहरा यूनिवर्सिटी में शिक्षा के समकालीन मुद्दों पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सैमीनार का आयोजन

 

23 अप्रैल:डा. नीलिमा भागवती, प्रोफ़ैसर ऐमरीटस, गोहाटी यूनिवर्सिटी और अंतराष्ट्री सैक्ट्री जनरल आफ टीचर एजुकेशन (सीटीई) ने विश्व स्तर के शिक्षा संकट को देखते हुए मौजूदा शिक्षा प्रणाली को सुधारने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि विश्वीकरन के दौर में, तकनीकी तरक्की, चल रहे सामाजकी -आर्थिक बदलावों और हमारी शिक्षा प्रणाली बहुत सी चुणौतियों का सामना कर रही है।
डा. नीलिमा भागवती ने इस बात का प्रगटावा रयात बाहरा यूनिवर्सिटी में शिक्षा के समकालीन मुद्दों पर करवाए गए एक दिवसीय राष्ट्रीय

सैमीनार में मुख्य मेहमान के तौर पर शिरकत करके किया। उन्होंने कहा कि सूचना और संचार प्रौद्यौगिकी बुनियादी नए मौकों के लिए नेतृत्व कर रहे हैं। इन चुणौतियों का सामना करने के लिए, ऐसी दुनिया जहाँ शैक्षिक संस्थायों जि़ंदगी के अलग -अलग पड़ावों में व्यक्तिगत नागरिकों की ज़रूरतों के साथ मेल खातीं हैं, कल्पना करने की ज़रूरत है। इस तरह विश्व स्तर के शिक्षा संकट को देखते हुए मौजूदा शिक्षा प्रणाली को सुधारने की ज़रूरत है। इस मौके मुख्य भाषण देते पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ के प्रोफ़ैसर कुलदीप पुरी ने कहा कि शिक्षा, अध्यापक शिक्षा, इंजीनियरिंग, मैडीसिन्न, फार्मेसी, मैनेजमेंट, होटल प्रबंधन, पुस्तकालय विज्ञान, कानून और शारीरिक शिक्षा,अध्यापकों की प्रशिक्षण में स्कूल स्तर साथ साथ उच्च स्तर पर नई सीखने की संभावनाओं की खोज की ज़रूरत है। उपरोक्त संदर्भ में, समाज के समकालीन ज़रूरतों को पूरा करने के लिए अध्यापकों, माँ बाप, प्रशाशकेां और विद्यार्थियों की भूमिका को स्पष्ट तौर पर पारिभाषित किया जाना चाहिए।
रयात बाहरा यूनिवर्सिटी के वाईस चांसलर डा.दलजीत सिंह ने डेलिगेट्स का स्वागत करते कहा कि अध्यापकों के पेशेवर विकास पर प्रमुख फोकस के साथ अध्यापकों की तैयारी प्रोगराम को मज़बूत करना सीटीई का उद्देश्य है। सीटीई की मैंबरशिप 10,000 व्यक्तियों और संस्थायों के क्रेडिट में है। यह विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों के इस्तेमाल के लिए क्षेत्रीय भाषायों में शिक्षा सम्बन्धित सामग्री की तैयारी और प्रकाशन के लिए लगातार काम कर रही है और शिक्षा के राष्ट्रीय एजंडे को लागू करने के लिए राष्ट्रीय और राज्य की एजेंसियों के साथ भी काम कर रही है।
इससे पहले सैमीनार की कनवीनर डा. इन्दु रेहानी ने सैमीनार का विषय पेश किया और प्रबंधक सचिव डा. नवनीत चोपड़ा ने आए मेहमानों का धन्यवाद किया।

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