September 28, 2020

शर्मसार घायल लावरिस लडकी इलाज के लिएअस्पताल के बाहर करती रही 2 घंटे इंतजार अस्पताल में मौजूद स्टाफ ने कहा,पुलिसको साथ लाओ तो करेंगे इलाज

कुराली : स्थानीय शहर की हद अंदर कुराली खरड रोड पर लाचार, लावारिस नागरिकों की सेवा संभाल कर रही ‘प्रभआसरा’ संस्था आज तक कई सैंकडो ही नागरिकों की एमरजैंसी हालात में मदद कर चूका है और संस्था की और से आगे भी मदद की जा रही है सडको और घरों में पीडित नागरिक जो कि लावारिस हालत में घूमते हुए अपनों और दूसरों के लिए खतरा होते है क्योकि अक्सर ये सडक पर घूमते हुए किसी न किसी वाहन से टकरा जाते है और जिस कारण इनको नुक्सान पहुंचता है वैसे ही इनके कारण भी सडक पर अक्सर हादसे हो जाते है पर प्रशासन इनकी और बिलकुल भी ध्यान नहीं देरहा। बीते दिन भी ऐसी एक घटना (20 -21) साल की लडकी के साथ घटी जिस के चेहरे पर काफी चोटके निशान थे, यह लडकी अर्ध बेहोशी की हालत में‘प्रभ आसरा’ संस्था के बाहर सडक किनारे पडी थी ‘प्रभ आसरा’ के सेवकों की तरफ से उसको कुराली सिविल अस्पताल ले जाया गया । परन्तु अस्पताल में उसको बुरी तरह से नजर अंदाज किया गया, और कहा गया कि इस को अस्पताल में दाखिल करवाना है तो पुलिस को साथ ले कर आओ । यह बेसहारा लडकी तकरीबन 2 घंटे एमरजैंसी वार्ड के बाहर रोती,बिलखती और ईलाज के लिए तडपती रही । अस्पतालों में लगे हुए बोर्ड, कि दुर्घटनाएँ के शिकार नागरिकों को सडक सेउठा कर लाने वाले नागरिकों को कोई परेशानी का सामना नहीं करना पडेगा, सब झूठे सिद्ध हुए । जब इसकी जानकारी ‘प्रभआसरा’ के मुखय सेवक शमशेर सिंह को मिली और वह सिविल अस्पताल पहुँचे और सीनियर मैडीकल अफसर को पूछा कि आप इसके इलाज को किस कानून के आधार पर मना कर रहे हो उन्होंने कोई ठोस जवाब नहीं दिया, आखिर पीडित लडकी का इलाज शुरू कर दिया गया । आखिर मे सवाल फिर यही पैदा होता है कि पीडित बेसहारा नागरिको को आ रही परेशानियों के लिए कौन जिम्मेदार है?कानून का उल्लंघन करन वालों और सखत कार्यवाही क्यों नहीं होती इस पुरे घटनाक्रम का जुममेवार कौन  है।

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