ईमानदारी जिंदा है, पार्क में मिला पर्स लौटाया

सीमा धीमान सीमा रानी को उनका खोया पर्स सौंपती हुई

जगदीश सिंह कुराली :आज के समय में जहां चंद पैसे के लिए रिश्ते तार तार हो रहे है वही कुछ लोग ऐसे भी है जो दुसरो के पैसे को अमानत समझ कर उन्हें उसके असल मालिक तक पहुँचाने का पुरजोर प्रयास करते है ऐसे लोगो के बदौलत ईमानदारी आज भी जिंंदा है ऐसे ही एक मामला शहर में देखने को आया जब सिमा रानी पुत्री उपेन्दर शर्मा किसी काम से चंडीगढ़ गयी हुई थी का पर्स जिस में नकदी,बैंक के एटीएम,आधार कार्ड,पेन ड्राइव व् जरुरी कागजात थे। वह पर्स पार्क में भूल गयी वह पर्स एक होटल मैनेजमेंट का काम करने वाले वयक्ति को मिला । जिस ने काफी छानबीन के बाद पर्स को कुराली की एक महिला जिसका नाम सीमा धीमान था को सौंप दिया। सिमा धीमान ने बताया कि उनका भी पर्स कुछ समय पहले खो गया था पर वह पर्स उनका नहीं था तब सिमा धीमान ने उन से इस भरोसे से पर्स ले लिए कि यह लडकी कुराली शहर की है वह इस पर्स को उस लडकी के पास पहुंचा देगी तब सीमा धीमान ने काफी मशक्त के बाद लडकी को ढूंढ उसका खोया हुआ पर्स लोटा दिया। पर्स पाकर खुशी में सीमा रानी ने कहा कि आज के समय में भी ईमानदारी जिंंदा है उनके पर्स में जो नकदी थी जरुरी कागजात थे वह वैसे के वैसे ही सही जगह पर रखे हुए है।

 

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